कानपुर: कल्चर में हुए बदलाव की वजह से अब शादी से पहले सेक्स, ऑनलाइन डेटिंग साइट्स, पॉर्न विडियोज और बर्थ कंट्रोल के तरीकों में हुए सुधार की वजह से अब लोगों के लिए सेक्स करना, पहले की तुलना में और भी आसान हो गया है। बावजूद इसके आपको जानकर हैरानी होगी कि हमारी युवा पीढ़ी, पुरानी पीढ़ी की तुलना में कम सेक्स कर रही है। तो आखिर क्या है इस कमी की वजह…

कुछ महीने पहले एक स्टडी सामने आयी थी जिसमें कहा गया था कि सेक्स से जुड़े टैबू में हो रही कमी और हुकअप यानी पार्टनर तलाशने के लिए वेबसाइट्स, ऐप्स और टिंडर, पॉर्न जैसी चीजों की मौजूदगी में हो रही बढोतरी के बावजूद अमेरिका के लोग खासकर टीनएजर्स और यंग अडल्ट्स सेक्स रिसेशन यानी सेक्स में कमी का सामना कर रहे हैं।

स्मार्टफोन की स्क्रीन है बड़ी वजह

सेक्स में हो रही कमी या सुस्ती की एक बड़ी और अहम वजह है स्मार्टफोन और दूसरे गैजट्स जिनपर चौबीसों घंटे ऑनलाइन शोज, इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल साइट्स लोगों को जरूरत से ज्यादा बिजी रखते हैं। बेडरूम में बड़ी संख्या में कपल्स, सेक्स करने की बजाए साथ में बैठकर या फिर अलग-अलग अपने-अपने फोन्स पर कोई ऑनलाइन शो देख रहे होते हैं या फिर सोशल मीडिया पर ऐक्टिव रहते हैं। ऐसे में लोगों की डिजिटल लाइफ उनकी सेक्स लाइफ पर हावी हो जाती है।

हुकअप का मतलब ज्यादा सेक्स नहीं

इसमें कोई शक नहीं कि हुकअप यानी पार्टनर की तलाश करने का ट्रेंड बढ़ रहा है लेकिन इस हुकअप कल्चर का मतलब हर वक्त और ज्यादा सेक्स करना नहीं है। एक रिसर्च में यह बात सामने आयी कि करीब एक तिहाई स्टूडेंट्स हुकअप कल्चर का हिस्सा नहीं बनना चाहते। एक तिहाई से थोड़े ज्यादा स्टूडेंट्स कभी कभार हुकअप के बारे में सोचते हैं। बाकी के स्टूडेंट्स लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप में थे। हालांकि सिंगल रहना कम सेक्स करने की एक वजह हो सकता है लेकिन कमिटेड रिलेशन में रहने और पार्टनर के साथ रहने पर भी सेक्स में कमी ही देखने को मिल रही है।

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