प्रयागराज: ग्रामीण युवा अतिरिक्त क्षमता का समावेश होता है क्योकि वह मुश्किल एवं संघर्षशील परिस्थितियाें में बाखूबी कार्य करने में समर्थ हाेता है। जिसके पास शहरों को अतिरिक्त कार्य , श्रम एवं सोच से रूबरू कराने के लिए बहुत- कुछ होता है । यह बात नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय के शाेध केन्द्र परिसर में आयोजित थॉट स्पेक्ट्रम के अन्तर्गत राष्ट्रीय सेमिनार ग्रामीणांचल युवा नेतृत्व सृजनात्मकता एवं नवाचार ( ऑन लीडरशिप इनोवेशन एण्ड क्रिएटीविटी इन रूरल यूथ) विषय पर बाेलते हुए ख्यातिलब्ध माेटिवेशनल-लीडरशिप काेच एवं स्किल डेवलपर तथा प्रख्यात वक्ता विराज कालरा ने कहीं।

उन्हाेंने आगे कहा कि लीडरशिप का मुख्य उद्देश्य भारत के ग्रामीण परिवेश में रह रहे युवाओं काे एक बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए उनके अन्दर नेतृत्व, खोज, स्वरोजगार एवं नवाचार विकसित करना है । ग्रामीण युवा कैसे आगे आए और एक नए समाज का नेतृत्व कैसे हो नवाचार एवं क्रिएटीविटी कैसे आएगी इस पर प्रोत्साहित करते हुए विराज कालरा ने स्लाइड शो के जरिए कुछ ऐसे व्यक्तित्व का उदाहरण दिया जिन्होंने ग्रामीण परिवेश में रहते हुए एक नयी पहचान और एक मुकाम हासिल किया है , जिनकी उम्र महज 20 से 25 वर्ष है ।

उन्होंने आगे कहा कि आगे बढने के लिए सबसे पहले आइडिया डेवलप करें और सदैव कुछ नया करें । श्री कालरा ने ऐसे एप भी बताए जो नये इनोवोशन के लिए फंडिंग देने के लिए तत्पर हैं, बस आपके अन्दर कुछ नया करने का आइडिया हो बाकी तो आपको सहयोग देने वाले मिल ही जाएंगे ।

 

साथ ही उन्होने नेहरू ग्राम भारती के कुलाधिपति जे . एन . मिश्र का भी उदाहरण देते हुए कहा कि आपके बीच एक ऐसे शख्स मौजूद है जिन्होंने ग्रामीण स्तर पर इस विश्वविद्यालय की स्थापना कर एक बेहतरीन इनोवेशन एवं आइडिया को जीवंत किया । श्री कालरा ने व्यक्तित्व विकास के लिये अवेयरनेस – स्किल , इनोवेशन , पैशन , डिसीप्लीन , डेडीकेशन और राष्ट्रप्रेम जैसे छह गुणों की चर्चा की । उन्होंने कहा कि ग्रामीण युवा में अतिरिक्त क्षमता का समावेश होता है क्योंकि वह मुश्किलों एवं संघर्षों से निर्मित होता है उसके पास शहरों को अतिरिक्त कार्य , श्रम एवं सोंच से रूबरू कराने के लिए बहुत – कुछ होता है ।

थॉट स्पेक्ट्रम की निदेशिका स्मिता मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कह कि विश्वविद्यालय में इस तरह के कार्यक्रम ग्रामीण युवा एवं छात्रों काे प्रोत्साहित करेंगे ।

कार्यक्रम में कुलाधिपति जे०एन० मिश्र , डॉ0 पी0के0 तिवारी , आर0एल0 विश्वकर्मा , डॉ . रमेश चन्द्र मिश्रा , डॉ0 रूद्र ओझा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं छात्र – छात्राएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे ।

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