कानपुर: यूपी के कानपुर में 12 दिन से लापता धर्मकांटा के मैनेजर का शव आज एक कुएं से बरामद किया गया। अपहरणकर्ता युवक को छोड़ने के बदले बीस लाख की फिरौती मांगी थी। कानपुर के विकास दुबे, संजीत यादव हत्याकांड के बाद यह तीसरा बड़ा मामला है।

बृजेश पाल कानपुर-झांसी राजमार्ग पर स्थित नेशनल धर्मकांटा में मैनेजर थे। 16 जुलाई की रात वह धर्मकांटा से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। सुबह चचेरे भाई सर्वेश ने उसके नंबर पर फोन किया तो उसे पांच दिन का समय देकर 20 लाख रुपये की फिरौती का इंतजाम करने के लिए कहा गया। इसके बाद से उसका फोन लगातार बंद था। एसपी अनुराग वत्स ने खुद घटनास्थल देखने के बाद एएसपी की अगुवाई में सर्विलांस सहित 11 टीमें बृजेश की खोज लगाईं थाी।

पुलिस ने अपहृत बृजेश की सीडीआर के आधार पर कुछ संदिग्धों सहित एक महिला से भी पूछताछ की। महिला ने उससे टेलीफोनिक दोस्ती होने की जानकारी दी। इसके अलावा पुलिस की टीमों ने परिवार के लोगों और कुछ रिश्तेदारों से भी पूछताछ की, लेकिन किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।

बृजेश धर्मकांटा के जिस आफिस से गायब हुआ था उसके बाहर एक जेसीबी चालक व एक मजदूर सोया था लेकिन किसी को उसके अगवा होने की भनक तक नहीं लगी। सुबह धर्मकांटा आफिस का ताला बाहर से बंद था। बृजेश के पैंट-शर्ट अंदर रखे थे। मतलब साफ था कि उसे अंडरवियर बनियान में ही ले जाया गया।

बृजेश के अपहरण के मामले में परिजन, पुलिस पर उनके ही रिश्तेदारों पर सख्ती करने व संदिग्धों से चलताऊ पूछताछ करने का आरोप लगा रहे थे। भाई राजेश के मुताबिक पुलिस ने शुरुआत में तो कुछ जानकारी भी दी उसके बाद वह खुद थकी नजर आ रही थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here