कानपुर: यूँ तो आप अपनी मन्नत पूरी करने के लिये मंदिर में तरह तरह की चीजे चढ़ाते है| लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां मन्नत पूरी करने के लिए ताले चढ़ाने का नियम है। इसी वजह से इनका नाम भी ताले वाली माता पड़ गया है।

कानपुर में स्थित इस मंदिर में माता काली रूप में विराजमान होती हैं। इनका आकर्षक स्वरूप देखते ही बनता है। यह मंदिर अपनी अनोखी मान्यता के चलते अत्यधिक प्रसिद्ध है।

प्रचलित है अनोखी कथा

कहा जाता है कि बरसों पहले एक परेशान महिला ने इस मंदिर में माँ की पूजा व दर्शनों के लिए आती थी। एक बार उसे किसी ने मंदिर में ताला लगाते हुए देखा, इसका कारण पूछने पर उसने कहा, माता ने उसे स्वप्न में दर्शन देकर ऐसा करने के लिए कहा है। उसने बताया कि ऐसा करने से उसके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। इसके बाद ताला लगाकर वह कई सालों तक दिखाई नहीं दी। कुछ सालों बाद मंदिर से ताला गायब था और
कहा जाता है कि मंदिर की दीवार पर लिखा था मन्नत पूरी हो गई इसलिए मैं ताला खोलकर ले जा रही हूं।

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मंदिर में ताला लगाने को लेकर मान्यता है कि ताला लगाने से पहले विधि-विधान से माता की पूजा की जाती है और प्रार्थना की जाती है कि उसकी मन्नत पूरी हो जाए। ऐसा करने हजारों लोग यहां आते हैं। कुछ ताला लगाने आते हैं तो कुछ ताला खोलने। सैंकड़ों ताले हर समय आप यहां देख सकते हैं। क्षेत्रीय लोगों की इस स्थान को लेकर बहुत आस्था है और अब तो अपने चमत्कारों के चलते इसकी ख्याति दूर-दूर तक फैल चुकी है।