लखनऊ: शुक्रवार को मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि एसटीएफ में तैनात एक अधिकारी के इशारे पर झांसी जेल में बंद माफिया प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी का एनकाउंटर करने का षंड्यंत्र रचा जा रहा है। इस अफसर के कहने पर ही जेल में बजरंगी को खाने में जहर देने की कोशिश तक की गई। उन्होंने ढाई साल पहले विकासनगर में पुष्पजीत सिंह व गोमतीनगर में हुए तारिक हत्याकांड में शामिल शूटरों को सत्ता व पुलिस अधिकारियों का संरक्षण मिलने का आरोप भी मढ़ा।

सीमा का आरोप है कि नौ मार्च को एसटीएफ कानपुर में तैनात इंस्पेक्टर घनश्याम यादव झांसी जेल जाकर कैदी कमलेश से मुलाकात कर पति की हत्या की साजिश रची गई थी। इन दोनों के मुलाकात की तस्वीरें जेल में लगे सीसी कैमरे में कैद हुई हैं। सीमा का आरोप है कि घनश्याम ने कैदी को बजरंगी के खाने में जहर मिला कर उसकी हत्या करने के लिए कहा था। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है।

कोर्ट के आदेश पर एम्स के डॉक्टरों का पैनल बजरंगी के स्वास्थ्य की जांच करता है। बजरंगी के साले व वकील विकास श्रीवास्तव ने बताया कि डिप्टी एसपी अभिषेक झांसी जेल गए थे। उनके साथ डॉक्टर थे जिन्होंने मुन्ना बजरंगी के स्वस्थ्य होने का सर्टिफिकेट जारी किया। विकास के मुताबिक बजरंगी का एनकाउंटर करने के लिए उन्हें जेल से जबरन बाहर निकालने की कोशिश तक की गई।

कौन है मुन्ना बजरंगी?

1967 में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के पूरेदयाल गांव में जन्मे मुन्ना बजरंगी का असली नाम प्रेम प्रकाश सिंह है। उसके पिता पारसनाथ सिंह उसे पढ़ा लिखाकर बड़ा आदमी बनाने का सपना संजोए थे. मगर प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी ने उनके अरमानों को कुचल दिया। उसने पांचवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी। किशोर अवस्था तक आते आते उसे कई ऐसे शौक लग गए जो उसे जुर्म की दुनिया में ले जाने के लिए काफी थे।

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