प्रयागराज: बिहारी लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित इलाहाबाद विश्विद्यालय पर निशाना साधते हुए ढेर सारे आधारहीन आरोप लगाए हैं, जिसके कारण लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। नेहा ने विश्वविद्यालय के साथ साथ वहां के छात्रसंघ पर भी तमाम मनगढ़ंत आरोप जड़ने की कोशिश की है। इस गाने पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने काफी नाराजगी जताई है। सोशल मीडिया पर अब उन्हें विरोध और लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।

गाने के विरोध में जब उन्हें फेसबुक पर लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा तो पहले तो उन्होंने मदद की गुहार लगाई। उन्होंने लिखा कि आपके सहयोग की जरूरत है। कुछ लोग इलाहाबाद विश्वविद्यालय पर लिखे और गाए गए मेरे गीत के चलते मेरी पोस्ट को रिपोर्ट कर रहे हैं। हां ये एकदम सच है कि मैं आलोचनात्मक अंदाज में अपनी बात रखती हूं पर एक बार फर्जी गर्वोन्माद से बाहर आकर सोचो। खैर, मेरी सहायता कीजिये, मेरी प्रोफाइल रिपोर्ट की जा रही है। देखिये क्या हो सकता है!

बता दें कि उन्होंने अपने गीत में कुछ ऐसे बोल का प्रयोग किया है- यूनिवर्सिटी में लै एडमिशन, लड़िहैं छात्रसंघ इलेक्शन, पूरे प्रयागराज में गजबै के भौकाल कइले हो, गरदा कमाल कइले हो…हॉस्टल में कब्जाके कमरा, बबुवा देंय चुंगी पे पहरा, कोचिंग वालेन खातिर, भैया काल भइले हो, गरदा कमाल कइले हो…

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