लखनऊ: सूबे में शादी समारोहों की अनुमति और मेहमानों की संख्या को लेकर सीएम योगी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी को भी पुलिस या प्रशासनिक अनुमति की कोई आवश्यकता नहीं है| प्रदेश में कहीं से भी पुलिस दुर्व्यवहार की शिकायत आई तो सख़्त कार्रवाई की जाएगी| यही नहीं मामले में अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होगी|

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग केवल सूचना देकर COVID-19 प्रोटोकाल और गाइडलाइन के सभी निर्देशों का पालन करते हुए विवाह समारोह का आयोजन कर सकते हैं| यही नहीं मुख्यमंत्री ने समारोह के लिए निर्धारित लोगों की संख्या पर भी स्थिति स्पष्ट की है| उन्होंने कहा कि बैंड बाजा या अन्य कर्मचारी लोगों की निर्धारित संख्या में शामिल नहीं होंगे|

सीएम योगी ने पुलिस महकमे के पेंच भी कसे हैं| सीएम ने कहा कि गाइडलाइन के नाम पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा, लोगों को जागरूक करें, गाइडलाइन का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करें| उन्होंने कहा कि बैंड बजाने, डीजे बजाने से रोकने वाले अधिकारियों व पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्यवाही होगी|

बता दें कुछ दिन पहले ही कोरोना से सतर्क यूपी सरकार ने सामूहिक आयोजनों पर पाबंदी लगाने का फैसला लिया है| सीएम ने शादी-समारोहों में 100 से अधिक लोगों को शामिल न होने देने के निर्देश दिए हैं| कोरोना संक्रमण के मामलों को एक बार फिर बढ़ते देखते हुए सीएम योगी ने शादी समारोह आदि में 200 व्यक्तियों के शामिल होने की छूट को घटाकर 100 करने के निर्देश दिए हैं| साथ ही शादी में हिस्सा लेने वालों के लिए मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा|

सीएम के आदेश के मुताबिक जिलाधिकारी स्वयं शादीस्थल जाकर निरीक्षण करें या फिर अधिनस्थ अधिकारी को भेजकर आदेश का सख्ती से पालन करवाएं| किसी भी शादी में सौ से ज्यादा मेहमान होने पर जुर्माना लगाकर कार्रवाई की जाए| मुख्यमंत्री का बेहद सख्त निर्देश है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त न की जाए|

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