प्रयागराज: कुलपति कार्यालय के बाहर से विरोध-प्रदर्शन करने के कारण गिरफ्तार हुई इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (इविवि) की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डॉ. ऋचा सिंह समेत पांच छात्राओं को शनिवार को नैनी सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया है। वहीं, अन्य तीन छात्रों की रिहाई अभी नहीं हो सकी।

गौरतलब है कि इविवि के महिला हॉस्टल में रहने वालीं आठ छात्राएं गुरुवार की सुबह अलग-अलग जिलों (आजमगढ़, बलिया, वाराणसी और मीरजापुर) से हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने के लिए पहुंचीं। प्रवेश न मिलने पर छात्रों ने कुलपति दफ्तर के बाहर धरना शुरू कर दिया था। ऐसे में इविवि के कार्यवाहक कुलपति प्रो. आरआर तिवारी समेत रजिस्ट्रार प्रोफेसर एनके शुक्ल, वित्त अधिकारी डॉ. सुनील कांत मिश्र, चीफ प्रॉक्टर प्रो आरके उपाध्याय, डीएसडब्ल्यू प्रो केपी सिंह और सुरक्षा अधिकारी अजय प्रताप सिंह कुलपति कार्यालय में फंसे रहे।

जब छात्र-छात्राएं जिद पर अड़ी रहीं तो कार्यवाहक कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने मंत्रालय को मेल के जरिए पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। मेल में यह भी स्पष्ट किया कि छात्र-छात्राएं हॉस्टल खोलने के लिए दबाव बना रहे हैं। ऐसी स्थिति में उन्होंने इस प्रकरण में मंत्रालय से निर्देश भी मांगा कि हॉस्टल खोले जाएं अथवा नहीं। अगले दिन शुक्रवार को भी मंत्रालय से कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में इविवि प्रशासन कोई निर्णय नहीं ले सका।

मामले में एसपी सिटी दिनेश सिंह ने गुरुवार की देर रात पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डॉ. ऋचा सिंह, साक्षी यादव, एकता, प्रियंका गुप्ता, शिवानी गौड़, शरद शंकर मिश्र, सत्यम कुशवाहा और अनीश यादव को गिरफ्तार कर लिया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय की तहरीर पर देर रात कर्नलगंज थाने में सभी के खिलाफ कुलपति को बंधक बनाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद आधी रात बाद सभी मेडिकल कराकर नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया। शनिवार को ऋचा समेत अन्य छात्राओं को जमानत पर रिहा कर दिया गया। हालांकि, अन्य छात्रों की रिहाई नहीं हो सकी।

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