नई दिल्ली: कोरोना वायरस से बचाव के लिए वैज्ञानिक पिछले 6 महीनों में मरीजों को बचाने में कभी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन तो कभी बीसीजी दवा को सही मान चुके हैं| लेकिन हाल ही में हुए एक शोध में पता चला है कि इन सभी से अलग एक स्टेरॉइड की दवा है जो कोरोना वायरस संक्रमण के गंभीर मरीजों के लिए जीवनदान साबित हो रहा है|

हाल ही में इंग्लैंड के वैज्ञानिकों ने अपनी एक शोध में पाया है कि कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में Dexamethasone बेहद कारगर और सस्ती दवा है| एक रिसर्च में दावा किया गया है कि सूजन कम करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली स्टेरॉइड Dexamethasone कोरोना वायरस संक्रमण में जबर्दस्त काम कर रहा है| जिन मरीजों की हालत गंभीर है उनकी जान बचाने में ये सफल साबित हुआ है| रिसर्च के डेटा में पाया गया कि इसके इस्तेमाल से वेंटिलेटर पर रखे गए मरीजों की मृत्युदर में 33.33% और कम गंभीर लक्षणों वाले मरीजों में 20% तक कम हो गया था|

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) कोरोना वायरस के इलाज में मौजूदा दवाओं की सुरक्षा पर अपनी नजर बनाए हुए है| वैज्ञानिकों ने Dexamethason से कोरोना के इलाज के दौरान फिलहाल ज्यादा साइड इफैक्ट नहीं देखे हैं| इस आधार पर WHO ने भी Dexamethason को इलाज के लिए फिलहाल सुरक्षित करार दिया है|

पहले रेमडेसिविर दवा को कोरोना के इलाज के लिए बेहतर माना जा रहा था, लेकिन बाद में हुए शोध में यह दावा किया गया कि यह सिर्फ हल्के लक्षण वाले मरीजों के इलाज में ही कारगर है| साथ ही उसका हर मरीज पर एक जैसा फायदा भी नहीं होता है| लेकिन डेक्सामेथासोन का गंभीर लक्षण वाले मरीजों पर भी सकरात्मक असर देखा गया है|

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