आगरा: आरटीआई के जवाब में केन्द्र सरकार ने मुगलसराय जंक्शन का नाम बदले जाने पर तर्क दिया है| सरकार ने तर्क दिया कि 1968 में इस रेलवे स्टेशन पर मृत पाए जाने के कारण आरएसएस विचारक और जनसंघ के संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर मुगलसराय जंक्शन का नाम किए गया है|

ऐक्टिविस्ट नूतन ठाकुर की आरटीआई के जवाब में गृह मंत्रालय ने कहा है कि यूपी सरकार ने स्टेशन का नाम बदलने के लिए कई कारण दिए थे, उनमें से एक कारण उपाध्याय की मौत से भी संबंधित था। सरकार ने आरटीआई के जवाब में कहा, ‘मुगलसराय रेलवे यार्ड में 11 फरवरी 1968 को दीनदयाल उपाध्याय मृत पाए गए थे। उनकी यादें इस जगह से जुड़ी हैं। चंदौली जिले में आसपास कोई भी रेलवे स्टेशन जनसंघ के फाउंडर के नाम पर नहीं था। जबकि 2017 में दीनदयाल उपाध्याय का जन्मशताब्दी समारोह भी मनाया गया था।’

आरटीआई के जवाब में यह भी कहा गया है कि मुगलसराय का नाम दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर किए जाने को लेकर चंदौली के डीएम और एसडीएम ने सिफारिश की थी। जिसके बाद गृह मंत्रालय ने सर्वे ऑफ इंडिया, रेल मंत्रालय, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय सहित विभिन्न अथॉरिटीज से बात की।