मोढ़: साहित्य के पन्नों में सिमटती जा रही देव वाणी संस्कृत को संवारने के बीड़ा मोढ़ क्षेत्र के नगुआ गांव निवासी युवा प्रशिक्षक राजन दुबे ने उठाया है। संस्कृत जन जन की भाषा बनाने के मकसद से लॉकडाउन में बच्चों को संस्कृत की ऑनलाइन शिक्षा दे रहे हैं।

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उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम, लखनऊ की ओर से बच्चों को ऑनलाइन प्रशिक्षित किया जा रहा है। ग्राम सभा नगुवा के संस्कृत प्रशिक्षक राजन दुबे गांव और विद्यालय के छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से संस्कृत का प्रशिक्षण देकर संस्कृत की अलख जगा रहे हैं। छात्र काफी उत्साहित होकर रोज प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। दर्जनभर से अधिक छात्र संस्कृत की बारीकियों को सीखते हुए संस्कृत बोलना भी सीख रहे है।

दुबे का कहना है कि संस्कृत भाषा को संवारने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम (भाषा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के अधीन) लखनऊ से यह योजना लाई है, जिसमें बच्चों को रोज ऑनलाइन माध्यम से नि:शुल्क संस्कृत का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एक तरफ कोविड 19 जैसी महामारी और दूसरी तरफ विद्यालयों के बंद होने के बाद अन्य संस्थान एवं विषयों की भांति संस्कृत संस्थान भी संस्कृत भाषा को ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान करने में जुटा है। वह लगभग 50 बच्चों को संस्कृत का प्रशिक्षण देते हैं।

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