आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के एक व्यक्ति को खुद को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं| पीड़ित व्यक्ति का नाम राम मूरत प्रजापति है और वह आजमगढ़ जिले के अहरौला ब्लॉक के मोलनापुर गांव के रहने वाले हैं|

राममूरत प्रजापति को जिंदा रहते ही सरकारी कागजों में मुर्दा घोषित कर दिया​ गया है| अब उन्हें खुद को जिंदा साबित करने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है| राममूरत प्रजापति की सुनवाई नहीं हो रही है| पीड़ित ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंप न्याय की मांग की है| डीएम ने राममूरत प्रजापति को भरोसा दिया है कि उनकी सुनवाई होगी और सरकारी कागजों में हुई गलती को जल्द ही सुधार लिया जाएगा|

राममूरत प्रजापति के मुताबिक अपनी बड़ी बहू से उनका विवाद चल रहा है| पांच साल पहले किसी ने सेक्रेटरी के साथ साजिश रच परिवार रजिस्टर में उन्हें मृत घोषित करा दिया| राममूरत प्रजापति के परिवार वालों ने संपत्ति हड़पने के लिए जब उनका डेथ सर्टिफिकेट बनवाने की कोशिश की तो उन्हें इस बारे में जानकारी मिली|

तब से वह खुद को जिंदा साबित करने के लिए सेक्रेटरी से लेकर बीडिओ तक से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने को कोई तैयार नहीं है| पीड़ित ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर खुद को कागजों में जिंदा करने और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है| जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने राममूरत प्रजापति की शिकायत का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच कर कार्रवाई का निर्देश है|

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