रामपुर: रामपुर प्रशासन द्वारा उर्दू गेट तोड़ने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि सपा शासनकाल में मंत्री रहे आजम खान की मुश्किलें जौहर ट्रस्ट को लेकर और बाद गई| जौहर यूनिवर्सिटी में सरकारी धन के इस्तेमाल और इससे जुड़ी गड़बड़ियों के आरोपों की जांच करने के लिए गठित की गई एसआईटी की एक टीम ने जांच पड़ताल करने के लिए रामपुर में फिर डेरा डाल दिया है| सपा सरकार के कार्यकाल में जौहर यूनिवर्सिटी की शुरूआत की गई थी और प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद आजम खां और उनकी यूनिवर्सिटी सियासी विरोधियों के निशाने पर आ गई|

दरअसल, बीजेपी नेता और आईआईए के चेयरमैन आकाश सक्सेना ने इन प्रकरणों की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की थी| इन शिकायतों को शासन ने गंभीरता से लेते हुए एसआईटी से जांच कराने की सिफारिश की गई थी|

नतीजनत यह पूरा प्रकरण प्रदेश की योगी सरकार ने एसआईटी को सौंप दिया था. एसआईटी इस मामले की जांच शुरू कर चुकी है| अब एसआईटी के तीन सदस्यों की टीम ने रामपुर में डेरा डाल लिया है| सुरक्षा के बीच यह टीम लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में रुकी है और दस्तावेज खंगाल रही है. ये टीम सपा सरकार में आजम खान की जौहर ट्रस्ट को दिए गए बिल्डिंग सहित कई जगह जांच करने भी जाएगा|

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