आगरा: ज्योतिष पीठाधीश्वर एवं द्वारिका पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य दंडीस्वामी अविमुक्तेश्वरनांद सरस्वती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पौराणिक नगरी काशी का स्वरूप बिगाड़ रहे हैं। मंदिरों को तोड़कर मूर्तियों को टुकड़े करने का जो काम औरंगजेब ने किया था, वही कार्य मोदी सरकार कर रही है। आधुनिकता और विकास के नाम पर काशी का स्वरूप बिगाड़ा जा रहा है। इससे काशी की जनता में रोष है।

आगरा में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की शिष्या डॉ. दीपिका उपाध्याय के यहां अल्प प्रवास के दौरान दंडीस्वामी ने तीन तलाक के मुद्दे पर कहा कि जब हम किसी धर्म को मान्यता दे रहे हैं तो उस धर्म की मान्यताओं को भी स्वीकार करना होगा। संविधान लोक के लिए है, परलोक के नहीं है। धर्म के क्षेत्र में धर्माचार्यों और धर्मशास्त्रों को ही प्रमाण मानना चाहिए।

सबरीमाला मंदिर के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि नारी का सम्मान होना चाहिए। मैं भी नारी का सम्मान करता हूं लेकिन हजारों वर्षों से चले आ रहे नियमों को छेड़ना गलत है। किसी भी संस्था के बनते समय उसके नियम निर्धारित हो जाते हैं तो यदि मंदिर में प्रवेश वर्जित है तो उसे मानना चाहिए।

एससी/एसटी के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह समाज को बांटने की गहरी साजिश है। समाज को प्रतिभाहीन किया जा रहा है। आरक्षण जब लागू किया गया था तब इसकी वास्तव में आवश्यकता थी लेकिन अब नहीं। देश में एक कानून होना चाहिए।

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