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नई दिल्ली: रिसर्चर्स ने ब्लूटूथ सिक्योरिटी (bluetooth security) में एक खामी स्पॉट की है, जिससे लैपटॉप, (laptop) स्मार्टफोन, (Smartphone) IoT, कमर्शियल एयरक्राफ्ट और हैवी ट्रक जैसे 1,400 कमर्शियल प्रोडक्ट्स प्रभावित हुए हैं. विंडोज़ 10 (Windows 10) और एंड्रॉयड यूज़र्स (Android users) खतरनाक ब्लूटूथ क्लासिक खामी के चलते नए थ्रेट का सामना कर रहे हैं. सिक्योरिटी एक्सपर्ट के मुताबिक 16 खामियां पाई गई हैं, जिसके एक साथ ‘BrakTooth’ का नाम दिया गया है. इससे डिवाइसेज़ की बड़ी रेंज में खतरा है, जो कि ब्लूटूथ से कनेक्टेड होती हैं. इसमें एक्सटर्नल स्पीकर, हेडफोन, माइक, कीबोर्ड जैसे डिवाइस मौजूद हैं, जो खतरे की रेंज में आते हैं.

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ये खामी क्वालकॉम, इंटेल, टेक्सस इंस्ट्रूमेंट की चिप को भी प्राभिवत करता है. उदाहरण के तौर पर इन चिप को माइक्रोसॉफ्ट सर्फेस लैपटॉप्स, डेल डेस्कटॉप PC और टॉप-टियर एंड्रॉयड स्मार्टफोन जैसे सैमसंग, गूगल पिक्सल, वनप्लस और भी कई स्मार्टफोन्स में इस्तेमाल किया जाता है.

रिसर्चर ने 13 चिप और 11 वेंडर पर स्टडी शुरू की, जिससे सामने आया कि सिंगापुर युनिवर्सिटी के पेपर में कहा गया है कि कम से कम 1400 एमबेडेड चिप प्रभावित हुई हैं और बग ने बड़ी रेंज के इलेक्ट्रॉनिक आइटम, जिसे स्मार्टफोन, लैपटॉप और स्मार्टहोम गैजेट को अपना निशाना बनाया है. कुल मिलाकर 1 अरब डिवाइस प्रभावित हुई हैं जो कि ब्लूटूथ से चलती हैं.

नुकसान की बात करें तो ये यह चिपसेट के साथ डिवाइस के प्रकार पर निर्भर करता है. विशेष रूप से तैयार किए गए पैकेट को खामी वाली चिप पर भेजे जाने के बाद कुछ डिवाइस क्रैश हो सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो आसानी से रीस्टार्ट करके भी ठीक किया जा सकता है.

हालांकि बैक ब्लूटूथ क्लासिक खामी का फायदा उठा कर रिमोटली मैलिशियस कोड को चला सकते हैं. इससे डिवाइस पर वायरस अपने आप इंस्टॉल हो जाता है. रिसर्चर के मुताबिक वेंडर को इसकी जानकारी कुछ महीने पहले ही दे दी गई थी.

कैसे कर सकते हैं Windows 10 का बचाव…

आपको ध्यान देने की ज़रूरत है कि आप अपने ऑपरेटिंग सिस्टम का लेटेस्ट वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे आप मैन्यूफैक्चर द्वारा जारी किए गए पैच से सेफ रह सकें.

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