प्रयागराज: फतेहगढ़ जेल में बंद माफिया दिलीप मिश्रा के गैंग में अब उसकी पत्नी व पूर्व जिला पंचायत सदस्य अर्चना मिश्रा समेत 14 नए लोगों की अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति को कुर्क करने, असलहा का लाइसेंस निरस्त करने जैसी दूसरी कार्रवाई के लिए टास्क फोर्स बनाई गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से माफिया के स्वजनों व करीबियों में खलबली मच गई है।

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औद्योगिक थाना क्षेत्र के लवायन कला गांव निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्रा सपा नेता समेत दो की हत्या की सुपारी देने के आरोप में सलाखों के पीछे है। कुछ माह पहले पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा कायम किया था। उस वक्त दिलीप को गैंग का लीडर और उसके बेटे शुभम व खान मुबारक के शार्प शूटर अखंड उर्फ नीरज को सदस्य घोषित किया गया था। अखंड को सुपारी लेने के आरोप में पुलिस ने पहले पकड़ा था, फिर शुभम की गिरफ्तारी गैंगस्टर के मुकदमे में हुई थी। पुलिस ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण की मदद से दिलीप की करोड़ों की संपत्ति को कुर्क करते हुए मकान, लाज को जेसीबी लगाकर ढहा चुकी है।

अधिकारियों का कहना है कि छानबीन के दौरान पता चला है कि माफिया के गैंग में कई सक्रिय सदस्य हैं, जो उसके काले कारोबार में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करते हैं। गिरोह से जुड़े लोग प्रयागराज के अलग-अलग इलाके के रहने वाले हैं और उनके विरुद्ध मुकदमे भी दर्ज हैं। इस आधार पर अब उसके गैंग चार्ट में पत्नी अर्चना सहित 14 नए लोगों को चिन्हित कर उनका नाम जोड़ा गया है। इनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।

इनको किया गया शामिल-

पत्नी अर्चना मिश्रा, अरैल नैनी के बृजेश मिश्रा, बुनोना नवाबगंज के धर्मेंद्र पांडेय, उसके भाई जितेंद्र पांडेय, मनोज कुमार, खपटिहा हंडिया का विकास मिश्रा, लवायन कला का राजेश यादव, रवि उर्फ ठाकुर कोल, मुकुल मिश्रा, गुल्लू कोल, खिजिरपुर नवाबगंज का श्रवण कुमार व ब्यौहरा औद्योगिक क्षेत्र का नकुल दुबे व कुछ रिश्तेदारों के नाम गैंग में शामिल किया गया है।

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