Home इलाहाबाद पूर्व मंत्री पर 17 सौ रुपये का जुर्माना

पूर्व मंत्री पर 17 सौ रुपये का जुर्माना

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इलाहाबाद: विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी के सामने आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे में जुर्म स्वीकार करने पर पूर्व मंत्री रामरती बिंद पर कोर्ट ने 17 सौ रुपये का जुर्माना लगाकर दंडित किया गया है। इसके बाद मुकदमा समाप्त कर दिया गया।

मुकदमे की सुनवाई एमपी एमएलए कोर्ट में हुई। वहां रामरती विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी के सामने हाजिर हुए और जुर्म स्वीकार करने की अर्जी देते हुए मुकदमा समाप्त करने का अनुरोध किया। हालांकि इसी मुकदमे में आरोपित घनश्याम दास गुप्ता, प्रेम शंकर, श्याम नारायण, राम इकबाल, कामता प्रसाद के प्रकरण की सुनवाई अब पांच नवंबर को होगी। भदोही जिले के ज्ञानपुर थाने में तत्कालीन एसओ ने कई साल पहले मुकदमा लिखाया था।

एमपी एमएलए कोर्ट में होमगार्ड राज्य मंत्री अनिल राजभर हाजिर हुए, लेकिन गवाहों के न आने के कारण मुकदमे की सुनवाई नही हुई। इस पर अदालत ने 28 नवंबर की तिथि मुकर्रर करते हुए अभियोजन को गवाह पेश करने का निर्देश दिया। चंदौली जिले के एक थाने में तत्कालीन एसओ माया प्रसाद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अनिल राजभर अपने सहयोगियों के साथ कचहरी के सामने पंडाल लगाकर मंसूर आलम की हत्या को लेकर रास्ता जाम किया। पुलिस के खिलाफ भड़काऊ भाषण देते हुए घटना का विरोध किया।

पूर्व सपा विधायक विजमा यादव, मूलचंद्र, लोहा सिंह, अमर सिंह, ज्ञानचंद्र, लालचंद्र, दारोगा पदमाकर राय व राजू के खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी हुआ है। एमपी एमएलए कोर्ट ने अभियोजन को निर्देशित किया है कि अग्रिम कार्यवाही अमल में लाएं। मामला झूंसी थाने से जुड़ा है। छतनाग गांव की प्रधान शशि देवी ने मुकदमा दर्ज कराया था कि अभियुक्तों ने 29 मई 2005 को उसके देवर राजकुमार, अवधेश को पीटा। घर में घुसकर आग लगा दी गई और नकदी, जेवर व बंदूक लूट ले गए। मुकदमा न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनीता सिंह नागौर की कोर्ट में चल रहा था, लेकिन अब सुनवाई स्पेशल कोर्ट में चल रही है।

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